Kahani ka kona

Month: July 2020

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‘अर्थी’ का बोझ ही शेष….

   सूजी हुई आंखें…कपकपाते हाथ…और छाती  में धड़क रहा बेबस कलेजा…बैठा हैं सड़क पर उन खिलौनों के बीच जो मासूम कांधे पर सवार होकर आज मेले में बिकने आए थे।…

कचोरी का टुकड़ा…

      दूर से नज़र आ रही धुंधली  तस्वीर का धीरे—धीरे पास आना और जानी हुई सूरत के साथ मुस्कुरा देना…। और वो हाथों में कागज़ की एक छोटी…

संक्रमण काल की ‘वॉरियर’

         ना दिन की फिकर ना रात का डर। बस चिंता हैं तो सिर्फ इस बात की, कि हमारे राज्य का हर व्यक्ति स्वस्थ्य और प्रसन्न हो।…

सत्ता के शेर, ड्यूटी के आगे ढेर….

       पद कोई भी हो लेकिन जिसे ड्यूटी निभाना आता हैं वो फिर मंत्री—शंत्री और किसी बाबजी से नहीं डरता। लेडी कांस्टेबल सुनीता यादव ने दिखा दिया कि…

जुर्माने से बड़ी जान है ‘साब’…

        ‘आपको याद तो होगा ​एक साल पहले 19 जुलाई  की शाम चार बजे जेडीए सर्किल का वो खौफनाक मंजर। जब तेज गति से आ रही एक…

स्कूल आ गया ‘घर’ …

      इन दिनों हर घर में एक स्कूल चल रहा है। जिसकी प्रिंसीपल भी ‘मां’ हैं और क्लास ​टीचर भी ‘मां’ ही है। लेकिन ये इतना आसान नहीं…

‘मां’ ही तो होती है पहला गुरु….

       आज गुरु पूर्णिमा है और इस पावन पर्व पर उन सभी गुरु और जीवन को बेहतर एवं शिक्षित बनाने वालों को प्रणाम और नमन करता हैं दिल।…

धन्यवाद ‘डॉक साब’…

     यूं तो डॉक्टर्स को जितना धन्यवाद दें उतना कम हैं लेकिन आज इनके काम को समग्र रुप से धन्यवाद देने का दिन है। इसीलिए इस दिन को ‘डॉक्टर्स…

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