Kahani ka kona

Month: March 2021

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‘टू मिनट नूडल्स’ नहीं हैं ‘नाटक’…

     आज ‘विश्व रंगमंच दिवस’ हैं। ‘कहानी का कोना’ में इस मौके पर प्रस्तुत हैं,  राजस्थान—रंगमंच की वरिष्ठ रंगकर्मी और नाट्य निर्देशक रुचि भार्गव से खास बातचीत— ———————————————————  एक…

‘नाटक’ को चाहिए ‘बाज़ार’…

       ‘रंगमंच’ की दुनिया में आज ख़ुद का प्रमोशन अधिक होने लगा हैं। रंगमंच करने वाला ख़ुद को ‘प्रोडक्ट’ मान बैठा हैं। जबकि असल प्रोडक्ट तो ‘नाटक’ हैं…

‘रंगमंच’ की जान ‘ गिव एंड टेक ‘…

      ‘रंगमंच’ पर नाटक करने की अपनी एक अलग ही एनर्जी होती है। जो दर्शकों से मिलती हैं। नाटक की प्रस्तुति के दौरान अपने अभिनय की सटीक प्रतिक्रिया पाकर…

जी ‘हुजूरी’ का रंगमंच…..

विश्व ‘रंगमंच—सप्ताह’ में वरिष्ठ रंगकर्मी सुनीता तिवारी नागपाल की ‘कहानी का कोना’ से खास बातचीत—     ‘मैं खुशनसीब हूं कि मैंने बहुत संपन्न थिएटर देखा। वो बेचारगी या ‘जुगाड़’ का…

‘ऑनलाइन प्रोडक्शन’ थिएटर की हत्या….

 विश्व ‘रंगमंच दिवस’ पर विशेष—  ‘कहानी का कोना’ में  ‘रंगमंच—सप्ताह’ के दूसरे दिन आज आप पढेंगे वरिष्ठ रंगकर्मी व निर्देशक साबिर खान को।  —————————————      रंगमंच का अर्थ हैं  ‘अभिनेता,…

‘नाटक’ जारी है…

विश्व ‘रंगमंच दिवस’ पर विशेष—   ‘कहानी का कोना’ में आज से ‘रंगमंच’ सप्ताह मनाया जा रहा हैं। इसमें आप रंगमंच से जुड़े कलाकारों की कहानी और उनके अनुभवों को…

तबड़क…तबड़क…तबड़क…

        कहानी की दुनिया भी अजीब होती हैं। इस दुनिया में जीने वाले समुद्र की गहराई में गोते लगाते हैं तो कभी घोड़े पर सवार होकर हवा से…

महिलाओं के बिना अधूरा ग़ज़ल ‘फलक’

कच्चा मकां तो, उंची इमारत में ढल गया आंगन में वो जो रहती थी चिड़ियां, किधर गई…’।      ममता किरण की इस ग़ज़ल ने विकास की भेंट चढ़ गए…

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