Kahani ka kona

Month: April 2021

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‘गुफ़्तगू’ हैं आज ‘दर्द’ से….

 दर्द के आगोश में गुज़र रही हैं तमाम रातें कभी इस करवट तो कभी उस करवट। आज गुफ़्तगू हैं मेरी दर्द से, साथ निभाओगे या चले जाओगें…। बड़ी ही बेअदबी…

एक ‘पगार’ …

    बेटी के जन्मदिन की पांचवी वर्षगांठ थी। सोचा कि एक छोटी—सी बर्ड—डे पार्टी रखी जाए। इस बहाने अपनों से मुलाकात भी हो जाएगी और सारे बच्चे आपस में…

‘एकांकी’ – नहीं ‘चुकाऊंगी’ झगड़ा

 समय : 45 मिनट भाषा : हिन्दी ————————————————————                            पात्र परिचय पात्र के नाम         …

कभी ‘फुर्सत’ मिलें तो…

कभी फुर्सत मिलें तो चले आना इस पते पर जहां बसती हैं यादें तेरे और मेरे अहसासों की…। कभी फुर्सत मिलें तो महसूस कर जाना वो ‘सैकंड’ जिसकी ‘छुअन’ अब…

‘नाटक’ को चाहिए ‘दर्शक’….

विश्व ‘हिन्दी रंगमंच’ दिवस ‘रामलीला’,’रासलीला’, नौटंकी , स्वांग , नकल , खयाल , यात्रा , यक्षगान और तमाशा के रुप में वर्षो की यात्रा करते हुए ‘हिन्दी रंगमंच’ आज 2021…

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