गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’

by Teena Sharma Madhvi
गढ़िए एक 'झूठी कहानी'

गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’

गर पाना हैं, ‘अपनापन’ तो गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’ …। गर ख़्वाहिशें हैं, किसी ‘अपने’ की तो गढ़िए एक झूठी कहानी।  ‘कहानी का कोना’ में पढ़िए मेरी यानि, टीना शर्मा ‘माधवी’ की लिखी कविता ‘गढ़िए एक झूठी कहानी’…।

———————

गर पाना हैं, ‘अपनापन’ 

तो गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’ …।

गर ख़्वाहिशें हैं, किसी ‘अपने’ की

तो गढ़िए एक झूठी कहानी।  

 

    अमीरी नहीं बल्कि, बेबसी और गरीबी की

गढ़िए एक झूठी कहानी

             इसलिए नहीं कि ‘दया’ पा सको ओरो की

             इसलिए कि, परख सको ‘अपनेपन’ को…।

 

एक झूठी कहानी ही सही

पर, दुनिया जहान की भीड़ से अलग

क्या पता मिल जाए ‘अपना’ कोई…। 

गढ़िए एक 'झूठी कहानी'

            टीना शर्मा ‘माधवी’

      जो आंखों की नमी देख सके

       चेहरे के भावों को पढ़ सके

   चुभते घावों को मुस्कान से ‘सी’ सके,

   जेब में भले ही पैसा न हो उसके

फिर भी करोड़ों की ‘हिम्मत’ दे सके….। 

 

गर मिल सके ऐसा कहीं ‘अपना’

तो बटोर लेना उस ‘अपनेपन’ को

दूरी बना लेना उस ‘थोथेपन’ से

जो भीड़ में अकसर है मिलती…।

 

जहां बनते हैं सभी ‘अपने’

होता नहीं जिनमें ‘अपनापन’

गर पाना हैं, ‘अपनापन’ 

तो गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’…।

क्या पता मिल जाए ‘अपना’ कोई…। 

दे जाए अनंत खुशियां कोई

रोक लेना उसे
जो लेकर आया हैं  ‘अपनापन’

पकड़ लेना उसकी झोली
जिसमें पड़ी हैं ताउम्र की हंसी
मलमली सी हथेलियों का स्पर्श
दु:खों में सहलाने वाली उंगलियों का प्रेम

फिर क्या फ़र्क पड़ता हैं

        कहानी सच्ची हैं या झूठी….। 

          ‘अपनापन’ तो  होगा…। 

 टीना शर्मा’माधवी’

___________________________

कुछ और कविताएं पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें—

 ‘प्रतीक्षा है कविता’…

यूं तेरा ‘लौटना’…

सपनों की दे​ह पर…..

‘दोस्ती वाली गठरी’ …..

प्रिय,
पाठकगण
आपको ‘कहानी का कोना’ में प्रकाशित कंटेंट कैसा लग रहा हैं, कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेंजें। साथ ही अपने सुझाव भी साझा करें जिससे ब्लॉग को और बेहतर बनाया जा सके।
धन्यवाद
टीना शर्मा ‘माधवी’
kahanikakona@gmail.com
teenasharma.writer@gmail.com

Related Posts

4 comments

Anonymous December 13, 2021 - 7:58 am

Beautifully written ☘️☘️

Kumar Pawan

Reply
Teena Sharma 'Madhvi' December 17, 2021 - 7:51 am

Thankyu🙏🙏

Reply
कभी 'फुर्सत' मिलें तो... - Kahani ka kona June 10, 2022 - 9:17 am

[…] गढ़िए एक 'झूठी कहानी' […]

Reply

Leave a Comment

मैं अपने ब्लॉग kahani ka kona (human touch) पर आप सभी का स्वागत करती हूं। मेरी कहानियों को पढ़ने और उन्हें पसंद करने के लिए आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं। मैं मूल रुप से एक पत्रकार हूं और पिछले सत्रह सालों से सामाजिक मुद्दों को रिपोर्टिंग के जरिए अपनी लेखनी से उठाती रही हूं। इस दौरान मैंने महसूस किया कि पत्रकारिता की अपनी सीमा होती हैं कुछ ऐसे अनछूए पहलू भी होते हैं जिसे कई बार हम लिख नहीं सकते हैं।

error: Content is protected !!