कभी ‘फुर्सत’ मिलें तो…

by Teena Sharma Madhvi
कहानी का कोना

‘कभी फुर्सत मिलें तो’…

कभी ‘फुर्सत’ मिलें तो… ढूंढना वो आंसू की बूंदे, जो गिरी थी ‘कार’ में जब तूने अपने सीने से लगाया था…। कभी फुर्सत मिलें तो ढूंढना अपना वो ‘पागलपन’, जब इक रात तूने मेरा आंचल हटाने की ज़िद की थी…। ये पंक्तियां है मेरी यानी टीना शर्मा ‘माधवी’ की लिखी कविता ‘कभी फुर्सत मिलें तो’…। कहानी का कोना में पढ़िए कविता ‘कभी फुर्सत मिलें तो’…।

 

कभी फुर्सत मिलें तो चले आना इस पते पर

जहां बसती हैं यादें तेरे और मेरे अहसासों की…।

कभी फुर्सत मिलें तो महसूस कर जाना वो ‘सैकंड’

जिसकी ‘छुअन’ अब भी बाकी हैं इन लबो पर…। 

 कभी फुर्सत मिलें तो एक बार फिर से ढूंढ लेना वो कान का ‘बूंदा’

जो गिरा था सरगोशी से तेरी….।

कभी 'फुर्सत' मिलें तो.

टीना शर्मा ‘माधवी’

चाय की ‘तपेली’ पर अब भी बाकी हैं निशां

जो तुझसे बतियाते हुए जली थी कभी..। 

कभी फुर्सत मिलें तो ढूंढना वो आंसू की बूंदे

जो गिरी थी ‘कार’ में जब तूने अपने सीने से लगाया था।

कभी फुर्सत मिलें तो ढूंढना अपना वो ‘पागलपन’

जब इक रात तूने मेरा आंचल हटाने की ज़िद की थी…। 

जेब में रखे उस रुमाल से भी पूछना

जिससे पूछा था मेरा चेहरा कभी…। 

  ढूंढना उन कांच के टुकड़ों को भी

जो तेरी घड़ी से टूटे थे  कभी..। 

 फुर्सत मिलें तो ‘सहलाना’

अपने सीने पर बना वो निशां

जो इन लबो ने सारी हदें पार करके छोड़ा था कभी…। 

आज इस पते पर रहती हैं एक  ‘खामोशी’

कभी फुर्सत मिलें तो चलें आना इसे तोड़ने कभी…। 

टीना शर्मा ‘माधवी’

 

और भी कविताएं पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें—

गढ़िए एक ‘झूठी कहानी’

यूं तेरा ‘लौटना’…

‘दोस्ती वाली गठरी’ …..

‘फटी’ हुई ‘जेब’….

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धन्यवाद
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10 comments

Secreatpage April 11, 2021 - 3:28 pm

मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य, पहली कविता के लिए बधाईयाँ.. अच्छा लिखा है

Reply
Teena Sharma 'Madhvi' April 11, 2021 - 3:49 pm

Thankyou so much…beete wakt ko sabd dene ki koshish he bas…

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Vaidehi-वैदेही April 11, 2021 - 7:31 pm

जब गद्य औऱ पद्य दोंनों ही विधा पर लिखना आ जाए तो सही मायने में आपमें एक लेखक के गुण हैं 👌🏻👍🏻
प्रथम कविता लेखन पर बधाई।

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Teena Sharma 'Madhvi' April 12, 2021 - 2:39 am

Bas yu hi chal gai kalam..aur utar aaye shabd kagaz pr.

Reply
AKHILESH April 12, 2021 - 7:24 am

जीवन के
कुछ खास पलो को,एह्सासो को याद करती नायिका की बहुत भावुक अभिव्यक्ति.

Reply
Teena Sharma 'Madhvi' April 12, 2021 - 1:54 pm

Ji bilkul 👍

Reply
Unknown April 15, 2021 - 2:35 pm

बहुत ही अच्छा, सच्चा

Reply
Teena Sharma 'Madhvi' April 15, 2021 - 7:18 pm

Thankyu 🙏

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Anonymous December 22, 2021 - 2:37 pm

You write amazingly. Your words full of feelings ☘️☘️☘️

Kumar Pawan

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गूंगी कविता.... - Kahani ka kona June 9, 2022 - 3:47 am

[…] कभी 'फुर्सत' मिलें तो… […]

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