गणतंत्र दिवस

कवि कर्नल कौशल मिश्र

by teenasharma
गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस

‘कहानी का कोना’ में गणतंत्र दिवस (Republic day) पर विशेष में पढ़िए कवि एवं भारतीय सेना में अहम पदों पर रहे रिटायर ‘कर्नल कौशल मिश्र’ की लिखी कविता, ‘नौजवानों का हमारा देश आज ‘…।

नौजवानों का हमारा देश आज,
कल यह देश बुज़ुर्गों का होगा। अगर आज मशक़्क़त करली तो,
ये आने वाला कल तुम्हारा होगा।

नई पीढ़ी मेहनत कर प्रेरित होगी,
विकास है सबका शाश्वत होगा।

हमारी शस्य श्यामला धरती पर,
चहुँओर पुष्पों भरा उपवन होगा।

महकेगा यह भारत दुनिया भर में,
अंत प्रहर सबका ही सुखद होगा।

नौजवानों का हमारा देश आज,
कल यह देश बुज़ुर्गों का होगा।

जादू से कभी करिश्मा होता नहीं,
इच्छाशक्ति करिश्मा दिखाती है।

जब जादू से भरमाते हैं लोगों को,
तब हमारी दृष्टि धोखा खाती है।

प्रगति कोई बच्चों का खेल नहीं,
कड़ी मेहनत विकास दिखाती है।

तुम जादू के जंजाल में फँसो नहीं,
मेहनत से ही सफलता मिलती है।

नौजवानों का हमारा देश आज,
कल यह देश बुज़ुर्गों का होगा।

इतिहास पढ़ो फिर समझोगे तुम,
मानव की ख़ुद्दारी ही रंग लाती है।

धरती पर किसान हल चलाता है,
तो खेतों की धरती लहलहाती है।

गणतंत्र दिवस

कर्नल कौशल मिश्र

कुछ योग्य बुज़ुर्ग हमारे साथ खड़े,
देश हित इनके लिए सर्वोपरी है।

यह ईमानदार और अनुभवी भी हैं,
अनुभव से ही सफलता मिलती है।

नौजवानों का हमारा देश आज,
कल यह देश बुज़ुर्गों का होगा।

अहम समय है तुम्हारे जीवन का,
यह दिन-रात मेहनत करने का है।

बैठो और दिमाग़ की परतें खोलो,
यह समय अनुसंधान करने का है।

तुम कदमों को अपने रोको नहीं,
अब यह समय आगे बढ़ने का है।

सब साथ साथ चले मिलकर बैठें,
यह समय मिलकर चलने का है।

नौजवानों का हमारा देश आज,
कल यह देश बुज़ुर्गों का होगा।

कर्नल कौशल मिश्र

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सन्दूक

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मैं अपने ब्लॉग kahani ka kona (human touch) पर आप सभी का स्वागत करती हूं। मेरी कहानियों को पढ़ने और उन्हें पसंद करने के लिए आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं। मैं मूल रुप से एक पत्रकार हूं और पिछले सत्रह सालों से सामाजिक मुद्दों को रिपोर्टिंग के जरिए अपनी लेखनी से उठाती रही हूं। इस दौरान मैंने महसूस किया कि पत्रकारिता की अपनी सीमा होती हैं कुछ ऐसे अनछूए पहलू भी होते हैं जिसे कई बार हम लिख नहीं सकते हैं।

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