Kahani ka kona

Month: May 2020

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लॉकडाउन में मकान मालिक को ‘ज़िंदगी का सबक’

                         साल भर पहले की बात है डॉक्टर रोहिताश पत्नी और बच्चों के साथ इस शहर में ट्रांसफर होकर आए…

लॉकडाउन में ‘दादी से पहचान’

    कॉलेज निकलते वक़्त दादी का रोज—रोज टोकना बेहद अखरता था। मन करता कि उन्हें जमकर भला बुरा सुना दूं लेकिन पापा का ख़्याल आता और फिर बस चुप…

लॉकडाउन में ‘बूढ़ी आंखों की उम्मीदें’

          अब से पहले कभी भी ये शहर इतना सुनसान और अपने आप में इतनी खामोशी लिए हुए न था…न जाने किसकी नज़र लग गई है मेरे…

लॉकडाउन में एक ‘मां’ का फैसला

      ‘मां’… इस एक शब्द में कितना सुकून हैं …। जहां भर की खुशियां सिर्फ इसी एक शब्द में सिमट आई हैं…। जब भी मैं खुश होती हूं…

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